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à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ (रोग)
à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ को चिकितà¥à¤¸à¤•ीय à¤à¤¾à¤·à¤¾ में गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤¸à¥‹à¤«à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤² रिफलकà¥à¤¸ डिजीज (GERD) के नाम से जाना जाता है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में इसे 'अमà¥à¤² पितà¥à¤¤' कहते हैं। आमाशय के à¤à¤¿à¤¤à¥à¤¤à¤¿ में उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ जठर गà¥à¤°à¤‚थियों के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जठरामà¥à¤² (हाइडà¥à¤°à¥‹à¤•à¥à¤²à¥‹à¤°à¤¿à¤• अमà¥à¤²) का सà¥à¤°à¤¾à¤µ किया जाता है पाचन के लिठआवशà¥à¤¯à¤• है।
कारण
आधà¥à¤¨à¤¿à¤• विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आमाशय में पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के लिठहाइडà¥à¤°à¥‹à¤•à¥à¤²à¥‹à¤°à¤¿à¤• अमà¥à¤² तथा पेपà¥à¤¸à¤¿à¤¨ का सà¥à¤°à¤µà¤£ होता है। सामानà¥à¤¯ तौर पर यह अमà¥à¤² तथा पेपà¥à¤¸à¤¿à¤¨ आमाशय में ही रहता है तथा à¤à¥‹à¤œà¤¨ नली के समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• में नहीं आता है। आमाशय तथा à¤à¥‹à¤œà¤¨ नली के जोड पर विशेष पà¥à¤°à¤•ार की मांसपेशियां होती है जो अपनी संकà¥à¤šà¤¨à¤¶à¥€à¤²à¤¤à¤¾ से आमाशय à¤à¤µà¤‚ आहार नली का रासà¥à¤¤à¤¾ बंद रखती है तथा कà¥à¤› खाते-पीते ही खà¥à¤²à¤¤à¥€ है। जब इनमें कोई विकृति आ जाती है तो कई बार अपने आप खà¥à¤² जाती है और à¤à¤¸à¤¿à¤¡ तथा पेपà¥à¤¸à¤¿à¤¨ à¤à¥‹à¤œà¤¨ नली में आ जाता है। जब à¤à¤¸à¤¾ बार-बार होता है तो आहार नली में सूजन तथा घाव हो जाते हैं।
लकà¥à¤·à¤£
à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ का पà¥à¤°à¤®à¥à¤– लकà¥à¤·à¤£ है रोगी के सीने या छाती में जलन।[1] अनेक बार à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ की वजह से सीने में दरà¥à¤¦ à¤à¥€ रहता है, मà¥à¤‚ह में खटà¥à¤Ÿà¤¾ पानी आता है। जब यह तकलीफ बार-बार होती है तो गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ का रूप धारण कर लेती है। à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ के कारण कई बार रोगी à¤à¤¸à¤¾ महसूस करता है जैसे à¤à¥‹à¤œà¤¨ उसके गले में आ रहा है या कई बार डकार के साथ खाना मà¥à¤à¤¹ में आ जाता है। रातà¥à¤°à¤¿ में सोते समय इस तरह की शिकायत जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। कई बार à¤à¤¸à¤¿à¤¡ à¤à¥‹à¤œà¤¨ नली से सांस की नली में à¤à¥€ पहà¥à¤‚च जाता है, जिससे मरीज को दमा या खांसी की तकलीफ à¤à¥€ हो सकती है। कà¤à¥€-कà¤à¥€ मà¥à¤‚ह में खटà¥à¤Ÿà¥‡ पानी के साथ खून à¤à¥€ आ सकता है।
जटिलताà¤à¤
दोनों पà¥à¤°à¤•ार के अलà¥à¤¸à¤° की तीवà¥à¤°à¤¤à¤¾ बढने पर रोगी को खून की उलà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हो सकती है। लमà¥à¤¬à¥‡ समय तक अलà¥à¤¸à¤° रहने से आमाशय में जाने वाला रासà¥à¤¤à¤¾ सिकà¥à¤¡ जाता है जिससे रोगी को तीवà¥à¤° वमन होते है। कà¤à¥€ अलà¥à¤¸à¤° फूट à¤à¥€ सकता है जिससे पूरे पेट में संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो जाता है तथा पेट में तेज दरà¥à¤¦ रहता है। लमà¥à¤¬à¥‡ समय तक अलà¥à¤¸à¤° रहने से केंसर होने का खतरा हो सकता है। इसके साथ ही आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• नà¥à¤¸à¥à¤–े से à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ का इलाज किया जा सकता हैं।
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